निम्नलिखित विवरण पर विचार करें:
मौर्य वंश के एक सम्राट, जिन्हें इंद्रपालित, संगत और विगतशोक जैसे नामों से भी जाना जाता
है। उनके जीवन का वर्णन जैन ग्रंथों जैसे संप्रतिकथा, परिशिष्टपर्व और प्रभावचरित में मिलता है। उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप में जैन धर्म और अहिंसा के सिद्धांत के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें अक्सर “जैन अशोक” कहा जाता है। ऊपर दिए गए विवरण में किस व्यक्तित्व का उल्लेख है?